Monday, March 31, 2025

Khansi (Cough) Remedies

खाँसी (Cough) Remedies

  1. Kakdasingi-Mulethi Mix

    Kakdasingi

    Mulethi (barabar matra)

    Pis kar churan bana le

    1 masha (0.5g) shahad ke saath din mein 3-4 baar chataye

  2. Ginger-Honey Mix

    Adrak ka ras: 3 masha (1.5g)

    Paan ka ras: 3 masha

    Shahad: 3 masha

    Milakar chataye

  3. Vasaka Kshar

    Adusa ka kshar: 4 ratti (0.5g)

    Thoda shahad milakar chataye

  4. Trikatu Churan

    Saunth

    Kali mirch

    Peepal (barabar matra)

    Churan bana le

    1-1 masha shahad ke saath le

  5. Haldi Lozenges

    Haldi ko bhoobhal mein bhun le

    Chhote tukde supari ki tarah muh mein rakhe

    Dheere-dheere gale mein utarne de

  6. Herbal Lozenges

    Ingredients (barabar matra):

    • Kakdasingi
    • Babool ka gond
    • Khas-khas/post
    • Choti peepal
    • Saunth
    • Kali mirch
    • Choti elaichi

    Purane gud ke saath matar ke barabar goli bana le

    Supari ki tarah chusen

  7. Goli for Dry Cough

    Ingredients:

    • Adusa
    • Kateri
    • Saunth
    • Pohakarmool
    • Kulthi
    • Bharangi
    • Kakdasingi
    • Piper
    • Kachur
    • Baheda ki chhaal
    • Chavya

    Gheegwar ke ras mein kharal kar jungli ber ke barabar goli bana le

    1 goli subha-shaam garam pani ke saath le

  8. Throat Soothing Lozenges

    Ingredients (barabar matra):

    • Papria katha
    • Unnab
    • Mulethi
    • Kali mirch
    • Laung
    • Babool ka gond
    • Anaar ka chhilka
    • Choti elaichi
    • Kulanjan
    • Akarkara
    • Jaiphal

    Adusa ke patton ke ras mein kharal kar jungli ber ke barabar goli bana le

    Muh mein rakh kar dheere-dheere chusen

  9. Unnab-Mulethi

    Sat unnab

    Sat mulethi (barabar matra)

    Muh mein rakh kar ras chusen

  10. Gond Katira Mix

    Babool ka gond

    Katira

    Badam ki mungi

    Banslochan

    Pis kar shahad mein mila kar chatni bana le

    Thoda-thoda chate rahen

  11. Patta Bhasma

    Ingredients (barabar matra):

    • Dhak ke patte
    • Adusa ke patte
    • Anjeer ke patte
    • Kele ke patte
    • Lisodha ke patte

    Mitti ki handi mein band kar 3 ghante kande ki aag mein rakhe

    Thanda hone par 1 masha mishri ki chashni ke saath chataye

  12. Dalchini Mix

    Dalchini ka churan

    Anjeer ke sharbat ke saath chataye

  13. Multani Mitti Water

    2kg pani mein 100gm multani mitti ghol de

    Mitti niche baith jane par saaf pani peeye

  14. Babool Bark

    Babool ka bakkal

    Mishri

    Chusne se khansi thik hoti hai

Notes:

Measurements:

  • 1 masha = 0.5g
  • 1 ratti = 0.125g
  • 1 seer = 1kg
  • 1 chhatank = 125ml

खाँसी

  1. काकड़ा सिंगी और मुलहठी बराबर-बराबर पीसकर रख लें। इस चूर्ण को एक मासे शहद में लेकर चाटें, दिन में कई बार चाटना चाहिए ।

  2. अदरक का रस पान का रस, शहद--तीनों को तीन-तीन मासे मिलाकर चाटें ।

  3. अडूसे का क्षार चार रत्ती लेकर थोड़े शहद में लेकर चाटें ।

  4. सोंठ, काली मिर्च, पीपल--इन्हें बराबर लेकर चूर्ण बना लें । एक-एक माशा लेकर शहद के साथ सेवन करें ।

  5. हल्दी को भूभल में खूब भून लें, फिर उसके छोटे-छोटे ड्कडे लेकर सुपाड़ी की तरह मुँह में पड़े रहने दें, धीरे-धीरे गले में जाने दें।

  6. काकड़ा सिंगी, बबूल का गोंद, खसखस कां पोस्त, छोटी पीपल, सोंठ, काली मिर्च, छोटी-इलाइची सबको बराबर पीसकर पुराने गुड़ के साथ मटर के बराबर गोलियाँ बना लें । इन गोलियों को सुपाड़ी की तरह मुँह में डालकर चूसना चाहिए।

  7. अडूसा, कटेरी, सोंठ, पोहकर मूल, कुलथी, भारंगी, काकड़ासिंगी, पीपर, कचूर, बहेड़े की छाल, चव्य-इन सब चीजों को घीग्वार के रस में खरल करके जंगली बोर के बराबर गोली बना लें। सुबह-शाम एक-एक गोली गरम पानी के साथ लें।

  8. पपरिया कत्था, उननाब, मुलहठी, काली मिर्च, लोंग, बबूल का गोंद, अनार का छिलका, छोटी इलायची, कुलंजन, अकरकरा, जायफल-यह सब बराबर लेकर अडूसे के पत्तों के रस में खरल करके जंगली बेर के बराबर गोली बना लें, इन्हें मुख में डालकर धीरे-धीरे चुसें।

  9. सत उन्नाव और सत मुलहठी बराबर-बराबर लेकर मुँह में डाल लें और उनका रस धीरे-धीरे गले में जाने दें।

  10. बबूल का गोंद, कतीरा, बादाम की मिगी, बंशलोचन, इनको बराबर पीसकर शहद में मिलाकर चटनी-सी बना लें । थोड़ी - थोड़ी चाटते रहें ।

  11. ढाक के पत्ते, अडूसे के पत्ते, अंजीर के पत्ते, केले के पत्ते, लिसोढे के पत्ते,बराबर लेकर एक मिट्टी की हाँडी में रखरकर अच्छी तरह मुँह बन्द कर दें, उस हाँडी को कंडों की आग में एक प्रहर लगा रहने दें । पीछे हाँडी बिलकुल ठंढी हो जाने पर दूसरे दिन उन जले पत्तों को निकालें । मिश्री की चासनी के साथ एक माशा इस भस्म को चाटना चाहिए।

  12. दालचीनी का चूर्ण अंजीर के शरबत के साथ चाटें ।

  13. ढाई सेर पानी में दो छटांक मुल्तानी मिट्टी घोल दें । जब मिट्टी नीचे बैठ जाय तो उस पानी को नितारकर पीवें।

  14. बबूल का बक्कल और मिश्री चूसने से खाँसी अच्छी होती है।

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